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छठ पूजा 2022 दिनांक (Chhath Puja 2022 दिनांक )
नहाय खाय- पहला दिन: 28 अक्टूबर 2022, शुक्रवार
खरना- दूसरा दिन: 29 अक्टूबर 2022, शनिवार
सूर्य अस्त होते ही पूजा का समय - तीसरा दिन: 30 अक्टूबर 2022, रविवार
उगते सूर्य की पूजा- अंतिम व चौथा दिन: 31 अक्टूबर 2022, सोमवार
पूर्वांचल का एक मशहूर त्यौहार जिसका नाम सुनते ही बच्चे और बड़े उत्साहित हो जाते है। इस पर्व में महिलाये दो दिन का निर्जल व्रत रखती है। ये व्रत परिवार में सुख शांति और पुत्र के प्राप्ति के लिए रखीं जाती है। छठ पूजा व्रत रखने से पहले नहाय खाय के दिन लौकी की सब्जी खाकर व्रत रखा जाता है। महिलाये पुत्र प्राप्ति के बाद ये व्रत रखती है।
इस त्यौहार में डूबते और उगते सूर्य को अरघ दिया जाता है। चढ़ावे के लिए घी के ठेकुवे, मीठे खस्ते ,पूरी और विभिन्न फलो जैसे-सेब संतरा अनार अनानास मोसम्मी केला शकरकंद मूली शरीफा नारियल सिंघारा और गन्ने आदि को चढ़ाया जाता है।
इस पर्व में महिलाये नए कोरे वस्त्र धारण करती है। घर में किसी नए काम जैसे विवाह होना,मकान बनाना,नौकरी लगने,पुत्र प्राप्ति आदि शुभ काम के पश्चात् कोसी भरने का प्रावधान है।
कुछ इसी प्रकार बलिया में भी घाट,सरोवर ,नदी पर ये पर्व मनाया जाता है ।
CHHATH PUJA GEET
कांच ही बांस के बहंगिया,
बहंगी लचकत जाय
बहंगी लचकत जाय
बाट जे पूछेला बटोहिया,
बहंगी केकरा के जाय
बहंगी केकरा के जाय
तू तो आन्हर होवे रे बटोहिया,
बहंगी छठ मैया के जाय
बहंगी छठ मैया के जाय
ओहरे जे बारी छठि मैया,
बहंगी उनका के जाय
बहंगी उनका के जाय
कांच ही बांस के बहंगिया,
बहंगी लचकत जाय
बहंगी लचकत जाय
होई ना देवर जी कहरिया,
बहंगी घाटे पहुंचाय
बहंगी घाटे पहुंचाय
ऊंहवे जे बारि छठि मैया
बहंगी के उनके के जाय
बहंगी उनका के जाय
बाट जे पूछेला बटोहिया
बहंगी केकरा के जाय
बहंगी केकरा के जाय
तू तो आन्हर होवे रे बटोहिया
बहंगी छठ मैया के जाय
बहंगी छठ मैया के जाय
ऊंहवे जे बारी छठि मैया
बहंगी उनका के जाय
बहंगी उनका के जाय
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